Webinar on Intellectual Property Rights.

जेसीडी मेमोरियल कॉलेज और मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने संयुक्त रूप से बौद्धिक संपदा अधिकार पर वेबीनार आयोजित किया।

सिरसा,27 जनवरी 2022 :जेसीडी विद्यापीठ स्थित जेसीडी मेमोरियल कॉलेज के आइक्यूए सेल की तरफ से इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी अवेयरनेस मिशन के तहत मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री एवं अन्य विभागों के साथ मिलकर एक वेबिनार का आयोजन करवाया गया जिसमें जेसीडी विद्यापीठ की प्रबंध निदेशक डॉक्टर शमीम शर्मा मुख्य संरक्षक के तौर पर शामिल हुईं।इसकी रूपरेखा और आयोजन जेसीडी मैमोरियल कॉलेज की प्राचार्या डॉ. शिखा गोयल के निर्देशन में जेसीडी मैमोरियल कॉलेज के इंटर्नल क्वालिटी असेसमेंट सेल की ओर से किया गया जिसके सचिव डॉ. राकेश कुमार रहे।

यह बौद्धिक संपदा जागरूकता मिशन मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनेशनल ट्रेड और कंट्रोलर जनरल ऑफ पेटेंट डिजाइन एंड ट्रेडमार्क, कॉपीराइट की और से संयुक्त रूप से चलाया जा रहा है। इन सभी विभागों के साथ कोलैबोरेशन करके यह वेबीनार जेसीडी मेमोरियल कॉलेज में आयोजित करवाया गया।

इस वेबीनार में इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी विभाग की एक्सपर्ट निशा जांगड़ा ने अलग-अलग तरह के आईपी रजिस्ट्रेशन, ट्रेडमार्क रजिस्ट्रेशन, ब्रांड रजिस्ट्रेशन और पेटेंट के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसी भी नवाचार के लिए उसका पेटेंट रजिस्ट्रेशन होना बहुत जरूरी है जो भी विद्यार्थी इनोवेशन के फील्ड में जाना चाहते हैं या कुछ हटके करना चाहते हैं उसके लिए पहले अपना आइडिया पेटेंट करवा लेना चाहिए, ताकि भविष्य में कोई और उस आईडिया को क्लेम ना कर पाए। इस दौरान उन्होंने अलग-अलग कंपनियों ,अलग-अलग कैटेगरी और अलग-अलग क्लास के रजिस्ट्रेशन के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक किया और आई पी रजिस्ट्रेशन का तरीका बताया। इस दौरान विद्यार्थियों और अध्यापकों की तरफ से कई सवाल किए गए जिसका विभाग की तरफ से विस्तार से जवाब दिया गया।

इस विषय पर जेसीडी विद्यापीठ की प्रबंध निदेशक डॉक्टर शमीम शर्मा ने कहा कि मनुष्य अपनी बुद्धि से कई तरह के आविष्कार और नई रचनाओं को जन्म देता है। उन विशेष आविष्कारों पर उसका पूरा अधिकार भी है लेकिन उसके इस अधिकार का संरक्षण हमेशा से चिंता का विषय भी रहा है। इसलिए जो भी विद्यार्थी या प्राध्यापक रचनात्मकता की तरफ जाते हैं तो उन्हें अपने बौद्धिक संपदा अधिकारों के बारे में पूर्ण तौर से जानकारी होना जरूरी है।

इस वेबीनार पर जेसीडी मेमोरियल कॉलेज की प्राचार्या डॉ शिखा गोयल ने कहा कि आज के युग में बौद्धिक संपदा ही असली संपत्ति है और इसका संरक्षण किया जाना जरूरी है। आज नई नई टेक्नोलॉजी हम देख रहे हैं वह इनोवेशन से आई है और इनोवेशन को पेटेंट करवाए बिना कोई भी स्टार्टअप खड़ा नहीं हो सकता। इसलिए इस विषय पर जागरुक्ता जरूरी है।

जेसीडी मैमोरियल कॉलेज के प्राध्यापकों की ओर से इंटलैक्चुअल प्रॉपर्टी के मुद्दे पर काफी सवाल किए गए जो विद्यार्थियों के लिए भी काफी उपयोगी साबित होंगे। वहीं इसमें विद्यार्थी भी काफी सक्रिय भूमिका में नज़र आए और बौद्धिक संपदा से जुड़ी कई समस्याओं उठाया।इस कार्यक्रम के समापन के बाद सभी को ई-सर्टिफिटेक भी प्रदान किए गए।